मधुमेह सुनते ही धीमि मौत का एहसास होने लगता है। हर कोई जिनको थोड़ा सा भी शक होता है, तुरन्त शुगर टेस्ट कराने दौड़ते हैं। जिनको यह रोग ( जो शायद रोग है ही नहीं ) जकड चुका है वो तो जॉंच उपकरन एव दवाओ मे हजारो खर्च करते हैं। लेकिन अपने रहन-सहन,खान-पान पर ध्यान नही देते हैं।
मै यह सब आपको सलाह देने के लिए या आपका इलाज करने के लिये नहीं, अपितु आपको यह बताने के लिये लिख रहा हुँ,कि आयु्र्वेद के एक चिकित्सक के अनुसार मधुमेह कोई बिमारी नहीं है, तथा यह बंशानुगत भी नहीं है।
उनके अनुसार मधुमेह के हर रोगी का दाँतों में पहले पायरिया होता है,उसके बाद पिछे से दुसरा दाँत,अर्थात जिन्हें हम चौहादाँत बोलते हैं वह जरुर सड़ता है। फिर दाँतों से होकर पेनक्रियाज को नुकसान पहुँचाता है। उसके बाद शरीर में शुगर की मात्रा अनियमीत हो जाती है।
अगर आपको भी मधुमेह है तो आप हमें टिप्पनी के माध्यम से यह जरुर बताऐं कि क्या आपका दाँत सड गया है? ताकि मै आपको अपने अगले पोस्ट उपचार भी बताऊँ।
अभी तो बचे हैं.
जवाब देंहटाएंयह तो नई बात पता चली ।
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