मानसुन की बेवफाई झारखण्ड के लिए कोई नई बात नही है। लेकिन लगातार तीन वर्षों से हो रहे खण्ड वर्षा की मार झेलने को विवश झारखण्ड का किसान भविष्य को लेकर अत्यन्त चिंतित है। यहाँ का किसान सरकार से मदद की भी आशा नहीं कर सकता, क्योंकि सरकार मदद क्या करेगी, वो तो कीसानो द्वारा कराए गए फसल बिमा की राशि तो अभी तक नही दे पाई है। अगर बिमा का भुगतान अभी हो जाती तो झारखण्ड के किसानो को जो राहत एवँ मदद पहुँचती उसका अनुमान शायद झारखण्ड सरकार को नहीं है।
इसलिये तो कहा जाता है कि हम प्रकृति पर ही निर्भर हैं । अतिवृष्टि हो या अनावृष्टि किसान तो दोनो ही स्थिति मे मारा जाता है ।
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